एड्स का फुल फॉर्म क्या है, AIDS Full Form In Hindi, एड्स का पूरा नाम क्या है, एड्स बीमारी के लक्षण क्या है, Full Form Of AIDS In Hindi, एड्स क्यों होता है, What Is AIDS In Hindi और AIDS Ka Full Form क्या है

AIDS Full Form In Hindi – एड्स का फुल फॉर्म, लक्षण, कारण, इलाज की जानकारी

एड्स का फुल फॉर्म क्या है, AIDS Full Form In Hindi, एड्स का पूरा नाम क्या है, एड्स बीमारी के लक्षण क्या है, AIDS Ka Full Form क्या है
 

हेलो दोस्तो हर बार की तरह आज भी हम आपके लिए एक खास जानकारी लेकर आए है, इस लेख में हम एड्स का फुल फॉर्म क्या है (AIDS Full Form In Hindi) से संबंधित जानकारी देने वाले है।

 
साथ में जानेंगे की एड्स क्या है, एड्स बीमारी के लक्षण क्या है, एड्स क्यों होता है, What Is AIDS In Hindi और AIDS Ka Full Form क्या है, से संबंधित सभी जानकारी इस लेख में हम आपको देने वाले है।
 
दोस्तो क्या आपको पता है, की एड्स का पूरा नाम क्या है, आपमें से बेहद ही कम लोगो को इसके बारे में पता होगा, चलिए कोई बात नही आज हम आपको AIDS से जुड़ी हुई सभी जानकारी देने वाले है, दोस्तो मानव जीवन की खतरनाक बीमारियो में से एक AIDS की बीमारी है, 
 
लोग एड्स का नाम लेने से डरते है, और ना ही एड्स बीमारी के बारे में ज्यादा बात करते है, क्योंकि यह एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज संभव नही है और अगर इलाज संभव भी है, तो इसका इलाज करवा पाना इतना आसान नहीं है, लेकिन दोस्तो क्या आपको पता है, 
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की Aids का लक्षण क्या है, और एड्स क्यों होता है अगर नही पता है, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े, क्योंकि आज हम आपको एड्स से जुड़ी हुई हर महत्वपूर्ण जानकारी देने वाले है, आइए दोस्तो अब बिना किसी देरी के जानते है, की एड्स का फुल फॉर्म क्या है।
 

एड्स का फुल फॉर्म क्या है? (AIDS Full Form In Hindi)

दोस्तो एड्स एक तरह की संक्रमक यानिकि एक से दूसरे में पहलने वाली एक गंभीर बीमारी है, एड्स का फुल फॉर्म Acquired immune deficiency Syndrome होता है, जिसको हिंदी में एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम ही कहा जाता है।
 
दर्सल एड्स यह एक तरह का विषाणु होता है, जोकि HIV अर्थात Human immunodeficiency Virus से फैलती है, यह बहुत ही गंभीर बीमारी है, क्योंकि यह एक से दूसरे व्यक्ति में और दूसरे से तीसरे व्यक्ति में फैलती है, 
 
एड्स बीमारी मानव जीवन में मौजूद टी कोशिकाओं को खत्म कर देती है, जिसकी वजह से इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, या खत्म होने लगती है, जिसके कारण इंसान बीमारी से लड़ नही पता है, आइए एड्स क्या है, के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करते है।
 

एड्स क्या है ? (What Is AIDS In Hindi) 

दोस्तो जैसा की ऊपर हमने आपको बताया है, की एड्स का पूरा नाम Acquired immune deficiency Syndrome होता है, जिसको हिंदी में एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम ही कहा जाता है, यह एक तरह का विषाणु होता है, 
 
जोकि HIV (Human immunodeficiency Virus) नाम के वायरस से फैलता है, एड्स से पीड़ित व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है, या खत्म होने लगती है, जिसकी वजह से इंसान की मौत हो जाती है, वैसे एड्स स्वयं कोई बीमारी नही है, 
 
पर एड्स से पीड़ित व्यक्ति का शरीर संक्रामक बीमारियों, जो कि जीवाणु और विषाणु आदि से संक्रमित हो जाता है, एड्स बीमारी की खास बात यह है, की एड्स बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति 5 से 20 सालो तक बिना किसी लक्षण के जीवित रह सकता है, 
 
और जब शरीर में संक्रमण अधिक फेल जाता है, उस स्थिति में इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, एड्स वर्तमान समय में एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या है, अर्थात की एड्स एक बड़ी महामारी में से एक है, और एड्स का संक्रमण किसी भी व्यक्ति में 3 प्रकार से फेल सकता है, 
 
असुरक्षित यौन संबंधो, रक्त के आदान-प्रदान तथा माँ से शिशु में संक्रमण के द्वारा, ऐसा माना जाता है, की सर्वप्रथम यह विषाणु: एच.आई.वी, अफ्रीका के खास प्राजाति की बंदर में पाया गया था, और वहीं से ये पूरी दुनिया में फैला है, 
 
और अभी तक एड्स की इस बीमारी को लाइलाज बीमारी माना गया है, लेकिन सोधकर्ताओ का मानना है, की वह जल्द ही इस बीमारी का इलाज ढूंढेंगे, 1972 में एड्स खोज हुई थी, एड्स की खोज से अब तक इससे लगभग 30 करोड़ से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं।
 

क्या एड्स घातक बीमारी है ?

दोस्तो बहुत से लोगो के मन में हमेशा यह सवाल जरूर रहता है, की एड्स कितनी घातक बीमारी है, और क्या इसका इलाज संभव है, या नहीं, तो हम आपको बताना चाहेंगे की एड्स एक महामारी है, और यह बहुत ही ज्यादा खतरनाक है, 
 
इसकी खोज से लेकर अबतक यह 30 करोड़ से ज्यादा लोगो की जान ले चुकी है, आज के समय में दुनिया भर में एड्स बीमारी 4 करोड़ से ज्यादा लोग गिरफ्त में है, और यह बीमारी भारत में भी बहुत तेजी से फेल रही है, लेकिन इस बीमारी की गिरफ्त में वही व्यक्ति आता है, 
 
जोकि किसी असुरक्षित लोगो के यौन संबंधों में आता है, या उसके साथ खून का आदान प्रदान करता है, बस यही कारण है, की यह बीमारी इतनी घातक होते हुए, भी इस पर नियंत्रण है, और आने वाले समय में यह बीमारी जड़ से खत्म होगी, 
 
क्योंकि आज के समय में लोग पहले की तुलना में ज्यादा सशक्त है, और लोगो को इस बीमारी के बारे में जानकारी भी है, ऐसे में लोग हमेशा सुरक्षित लोगो के साथ ही संबंध बनाते है, आइए दोस्तो अब जानते है, की एड्स का इतिहास क्या है।
 

एड्स का इतिहास क्या है ?

दोस्तो जैसा की पहले हमने आपको बताया है, की एड्स बीमारी HIV नामक संक्रमण के कारण फैलती है, HIV खुद एक विषाणु है, और इसी विषाणु की वजह से एड्स जेसी घातक बीमारी लोगो के बीच फेल रही है, 
 
वैसे अभी तक इसका कोई इलाज नहीं मिल पाया है, लेकिन एड्स बीमारी फैलने के कारण का पता जरूर लग पाया है, दर्सल एड्स बीमारी तीन प्रकार से एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है, पहला कारण असुरक्षित यौन संबंधो, 
 
रक्त के आदान-प्रदान तथा माँ से शिशु में संक्रमण के द्वारा इन तीनो कारणों से यह बिमारी एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है, एड्स बीमारी की खोज सन 1972 में हुई थी, सबसे पहले यह बीमारी साउथ अफ्रीका के एक खास किस्म के बंदरों में पाई गई थी, 
 
8hजिसके बाद से ही यह बीमारी पूरे विश्व में फेल रही है, लेकिन खुशी की बात यह है, की इस बीमारी से इतने ज्यादा लोग चपेट में नही आ रहे है, दोस्तो यह एड्स बीमारी का इतिहास है, आइए अब जानते है, की एड्स क्यों होता है।
 

एड्स के लक्षण क्या है ?

दोस्तो एड्स एक ऐसी बीमारी है, जिसके लक्षण बीमारी होने के कही सालो बाद पता चलते है, बहुत से लोगो को एड्स के लक्षण सिर्फ 6 महीने में ही दिखाई देने लग जाते है, वही बहुत से लोगो को एड्स के लक्षण सालो साल तक दिखाई नही देते है, 
 
ऐसे में एड्स टेस्ट के माध्यम से ही इसके लक्षण का पता चलता है, और टेस्ट के माध्यम से इसके बारे में जानकारी जल्दी मिल जाती है, लेकिन एड्स होने पर कुछ सामान्य लक्षण के बारे में जान लेते है, जिसके माध्यम से एड्स का पता लगाया जा सकता है, जोकि निम्नलिखित है –
  • बुखार आना। (बार बार बुखार आना)
  • शरीर का तेजी से वजन घटना।
  • गले में खराश वा शरीर में चकत्ते पड़ना।
दोस्तो यह एड्स के सामान्य लक्षण है, लेकिन आज के समय में गले में खराश और बुखार आना आम बता है, ऐसे में आप इन लक्षणों को देखकर परेशान ना हो, क्योंकि हर किसी को एड्स नही होता है।
 

एड्स क्यों होता है ?

दोस्तो बहुत से लोगो के मन में हमेशा यह सवाल जरूर रहता है, की एड्स क्यों होता है, तो हम आपको बताना चाहेंगे की एड्स होने के तीन प्रमुख कारण होते है, जोकि निम्नलिखित है –
  1. असुरक्षित यौन संबंधो के कारण
  2. रक्त के आदान-प्रदान के कारण 
  3. माँ से शिशु में संक्रमण के कारण
तीन विशेष कारणों के कारण एड्स होता है, अगर पहले से किसी लड़के या लड़की को एड्स है, और अगर ऐसे में आप उसके साथ यौन संबंध बनाते है, तो ऐसे में आपको भी एड्स हो सकता है, और दूसरा कारण यह है, की यदि किसी व्यक्ति को पहले से ही एड्स है,
 
और अगर आप उसके साथ खून का आदान प्रदान करते है, तो भी आपको एड्स हो सकता है, और तीसरा कारण अगर मां को पहले से संक्रमण है, तो शिशु को भी संक्रमण हो सकता है, अब आप समझ गए होंगे की एड्स क्यों होता है।
 

एड्स बीमारी का इलाज क्या है ?

दोस्तो एड्स एक बड़ी महामारी है, दुनिया भर में इस महामारी से पीड़ित रोगी देखने को मिलते है, लेकिन यह हवा या एक दूसरे व्यक्ति से छूने से नहीं फैलती है, इस कारण इसके मरीजों की संख्या दिन प्रतिदिन कम होती जा रही है, 
 
वैसे एड्स महामारी के लिए अभी तक कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है, ना ही मार्केट में कोई वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे की इसका सफल इलाज किया जा सके, लेकिन मार्केट में एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए कुछ दवाइयां जरूर उपलब्ध है, 
 
जिनकी मदद से एचआईवी अर्थात एड्स के संक्रमण को काफी हद तक कम किया जा सकता है, इससे शरीर में एचआईवी संक्रमण काफी कम हो जाता है, लेकिन संक्रमण जड़ से खत्म नही होता है, आइए अब जानते है, की एड्स की खोज किसने की थी।

 

एड्स की खोज किसने की थी ?

एड्स महामारी जोकि एचआईवी के विषाणु के द्वारा फैलती है, एचआईवी की खोज फ्रांस के लुक मॉन्टेगनियर और फ्रांसोआ सिनूसी ने 1983 में की थी, इसके 2 सालो बाद अमेरिका के रॉबर्ट गैलो ने एचटीएलवी 3 वायरस की पहचान की थी।
 
लेकिन यह वायरस एक जैसे ही थे, एचआईवी के खोजकर्ता मॉन्टेगनियर और सिनूसी कोको 1985 में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया, और 1986 में पहली बार इस वायरस को एचआईवी यानी ह्यूमन इम्यूनो डेफिशिएंसी वायरस का नाम मिला।
 

एड्स का फुल फॉर्म क्या है से संबंधित FAQS

दोस्तो AIDS Full Form In Hindi से जुड़े हुए सभी सवालों के जवाब आपको इस लेख के माध्यम से मिल जायेंगे –
 

एड्स का पूरा नाम क्या है?

दोस्तो एड्स का पूरा नाम Acquired immune deficiency Syndrome होता है, जिसको हिंदी में एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम कहते है।

AIDS Ka Full Form क्या है ?

दोस्तो एड्स का फुल फॉर्म Acquired immune deficiency Syndrome होता है, जिसको हिंदी में एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम कहा जाता है।

भारत में एड्स कब आया?

भारत में एड्स का पहला मामला 1986 में मिला था, तब चेन्नई की रहने वालीं कुछ सेक्स वर्कर्स में इस संक्रमण की पुष्टि हुई थी।

एड्स कितने दिनों में होता है?

किसी भी व्यक्ति में एड्स बीमारी के लक्षण 3 से 10 हप्तो के अंदर देखने को मिलते है, कई कई केशेश में एचआईवी का संक्रमण 1 से 2 सालो में देखने को मिलता है।

क्या एड्स छूने से होता है?

दोस्तो किसी भी एड्स संक्रमित व्यक्ति को छूने से एड्स का संक्रमण नही फैलता है, ऐसे में अगर आप किसी भी एड्स से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आए भी है, तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है।

क्या कंडोम लगाने के बाद भी एड्स हो सकता है?

दोस्तो कंडोम लगाने के बाद भी एड्स हो सकता है, लेकिन कंडोम लगाने के बाद एड्स होने के चांस कम हो जाते है, ऐसे में आपको एड्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ यौन संबंध नहीं बनाने चाहिए।

एड्स की रोकथाम के उपाय

दोस्तो वैसे तो एड्स किसी भी व्यक्ति को छूने पर नही फैलता है, और ना ही हवा के माध्यम से एड्स फैलता है, एड्स का संक्रमण एड्स से पीड़ित व्यक्ति के साथ यौन संबंध बनाने पर फैलता है, ऐसे में अगर आप किसी भी व्यक्ति के साथ यौन संबंध नहीं बनाते है और ना ही उनके साथ खून का आदान प्रदान करते है, तो आपको घबराने की बिलकुल जरुरत नही है। यही एड्स के रोकथाम का उपाय है।

एड्स का इलाज है या नहीं?

एड्स महामारी के लिए अभी तक कोई इलाज नहीं खोजा जा सका है, ना ही मार्केट में कोई वैक्सीन उपलब्ध है, जिससे की इसका सफल इलाज किया जा सके, लेकिन मार्केट में एचआईवी संक्रमण को रोकने के लिए कुछ दवाइयां जरूर उपलब्ध है, जिनकी मदद से आप एड्स के संक्रमण को कम कर सकते है।

निष्कर्ष : एड्स का फुल फॉर्म

इस आर्टिकल में हमारे द्वारा एड्स का फुल फॉर्म क्या है (AIDS Full Form In Hindi) से संबंधित जानकारी दी गई है, यदि यह जानकारी आपको पसंद आई हो, तो इसे अपने दोस्तो के साथ जरूर शेयर करें।
 
और यदि आपके मन में कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं, इसके अलावा ऐसी ही और भी जरूरी जानकारी पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।
 
 

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