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Civil Engineer Kaise Bane – सिविल इंजीनियर कैसे बने, योग्यता, फीस, सैलरी की जानकारी

सिविल इंजीनियर क्या है, Civil Engineer kaise bane, सिविल इंजीनियर कैसे बने, Civil Engineer Meaning in hindi
 

दोस्तो InfosHindi में आपका एक दफा फिर से स्वागत है, इस ब्लॉग पोस्ट में हम सिविल इंजीनियर क्या है (Civil Engineer kaise bane) के बारे में जानने वाले है। 

साथ मे जानेंगे कि Civil Engineer Meaning in hindi, सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है, सिविल इंजीनियर के कार्य क्या है और सिविल इंजीनियर कैसे बने से जुड़े हुए, सभी सवालों के जवाब आज के इस लेख में हम आपको देने वाले है।
 
दोस्तो 12वी बाद सभी स्टूडेंट अपने इंटरेस्ट के हिसाब से कोर्स का चुनाव करते है, यह आर्टिकल ऐसे स्टूडेंट के लिए है, जोकि इंजीनियर बनना चाहते है, इंजीनियरिंग की फील्ड में सिविल इंजीनियर बहुत ही लोकप्रिय पद माना जाता है।
 
लेकिन जानकारी के अभाव में बहुत से स्टूडेंट सिविल इंजीनियर बनने से चूक जाते है, लेकिन अगर आप इंजीनियरिंग के क्षेत्र में जानना चाहते है, ओर इंजीनियरिंग के क्षेत्र में पढाई करना चाहते हैं, तो इस लेख में हम आपको सिविल इंजीनियर की पढ़ाई से लेकर सिविल इंजीनियर बनने तक के बारे में जानकारी देने वाले है।
 
hindi, Civil Engineer kaise bane, What is Civil Engineering in hindiदोस्तो अगर देखा जाए तो इंजीनियरिंग कई प्रकार की होती है, जैसे कि सिविल इंजीनियरिंग, मेकेनिकल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और भी कई प्रकार के इंजीनियरिंग होती है, जिनके बारे में भी आगे हम जानने वाले हैं, आइये पहले जानते है की सिविल इंजीनियर क्या है, ओर सिविल इंजीनियर कैसे बने।
 

Table of Contents

सिविल इंजीनियर क्या है – Civil Engineer Meaning In Hindi

दोस्तो सिविल इंजीनियर वह पद होता है, जिसमे सिविल इंजीनियरिंग के बारे में पढ़ाया जाता है, जिसके अंतर्गत घर, बिल्डिंग, रोड, ब्रीज़, बाँध, नहर, ओर एयरपोर्ट बनाने से पहले इन के डिज़ाइन के ऊपर कार्य किया जाता है।
 
जैसे की किसी शहर में कोई ब्रीज़ बन रहा है, तो सिविल इंजीनियर उस ब्रिज का डिजाइन तैयार करेगा और उस ब्रिज की लंबाई कितनी होनी चाहिए एवं चौड़ाई कितनी होनी चाहिए, ओर ब्रिज ऊंचाई कितने रखनी है।
 
यह सब सिविल इंजीनियर डिसाइड करता है, इसके अलावा ब्रीज़ को किस प्रकार से डिज़ाइन करना है, क्या-क्या चीजो को ऐड करना है, यह सब सिविल इंजीनियर का ही कार्य होता है, ब्रीज़ के क्षेत्रफल जैसे लंबाई,
 
चौड़ाई ओर ऊँचाई के आधार पर सभी जरुरत वाले मटेरियल जैसे ईंट, सीमेंट, बालू, सरिया इत्यादि मंगाया जाता है, किसी भी कन्स्ट्रक्शन कार्य को सफल तरीके से पूरा करने में एक सिविल इंजीनियर का अहम रोल होता है।
 
आज के समय मे सिविल इंजीनियरिंग की मदद से देश में नए-नए घर,  बिल्डिंग, रोड, ब्रीज़, बाँध, नहर, ओर एयरपोर्ट बन रहे है, आपने शहरों में विकसित और आकर्षित करने वाले एयरपोर्ट, रोड ओर बिल्डिंग और ब्रीज़ को बनते देखा होगा।
 
इन सभी को एक सिविल इंजीनियर डिज़ाइन करता है, जिस प्रकार बिल्डिंग, रोड, ब्रीज़ ओर एयरपोर्ट को एक सिविल इंजीनियर डिज़ाइन करता है, उसी प्रकार मॉल, स्टेडियम, पाइप लाइन, ओर बांध को भी एक सिविल इंजीनियर ही डिज़ाइन करता है। 
 
आज के समय में जितने भी कंस्ट्रक्शन कार्य हो रहे हैं उन सभी में अच्छी डिजाइनिंग और लेटेस्ट कंस्ट्रक्शन मेथड का उपयोग किया जा रहा है, सिविल इंजीनियर शहरो में सरकारी एवं प्राइवेट सिटी कंस्ट्रक्शन कार्य जैसे रोड, ब्रीज़, पूल, स्टेडियम, बिल्डिंग, एयरपोर्ट, ओर घरों को डिज़ाइन करता है।
 

सिविल इंजीनियर के कार्य 

दोस्तो जैसा कि आपको हम आपको पहले ही बता चुके हैं, की सिविल इंजीनियर के कार्य शहरो में हो रहे कंस्ट्रक्शन कार्य जैसे- रोड, ब्रीज़, पूल, स्टेडियम, बिल्डिंग, एयरपोर्ट, ओर घरों को डिज़ाइन करना होता है।
 
इसके अलावा भी कई सारे कार्य होते है, जिन्हें सिविल इंजीनियर को संभालना होता है, यदि शहर में कोई एयरपोर्ट बन रहा है, तो उससे डिज़ाइन तो करना ही है, साथ मे उस एयरपोर्ट में कितना खर्च हो सकता है।
 
कितनी मैनपावर चाहिए, इसका कैलकुलेशन भी सिविल इंजीनियर को ही करना पड़ता है, साथ में एयरपोर्ट कितनी जगह में बनाना है, एयरपोर्ट की लंबाई कितनी होनी चाहिए ओर चौड़ाई कितनी होनी चाहिए।
 
यह भी एक सिविल इंजीनियर ही डिसाइड करता हैं, एरपोर्ट के क्षेत्रफल जैसे लंबाई, चौड़ाई ओर दूसरी जरूरतों के आधार पर सभी जरुरत वाले मटेरियल जैसे ईंट, सीमेंट, बालू, सरिया इत्यादि मंगाया जाता है।
 
इसके अलावा झोकिम को कम करना एवं एयरपोर्ट को मजबूत बनाने के लिए भी एक सिविल इंजीनियर को ही प्रयाश करना पड़ता है, सिविल इंजीनियर अपने प्रोजेक्ट को ठेकेदार को दिखाता है।
 
ओर ठेकेदार को सारी आवश्यक बातों की जानकारी देता है, जिसके बाद ठेकेदार काम स्टार्ट करता है, यह प्रमुख कार्य एक सिविल इंजीनियर के ही होते है, आइये अब बात करते है, की इंजीनियरिंग कितने प्रकार की होती है।
 

इंजीनियरिंग कितने प्रकार की होती है ?

दोस्तो इंजीनियरिंग के कई सारे प्रकार होते है, जोकि निम्नलिखित है – 
  • केमिकल इंजीनियरिंग
  • सिविल इंजीनियरिंग
  • मेकेनिकल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
  • कंप्यूटर इंजीनियरिंग
  • इंफॉर्मेशन इंजीनियरिंग
  • इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग
  • इलेक्ट्रॉनिक्स & कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
  • एनवायर्नमेंटल इंजीनियरिंग
  • न्यूक्लिअर इंजीनियरिंग
  • बायोकेमिकल इंजीनियरिंग
दोस्तों की प्रमुख प्रकार की इंजीनियरिंग होती है, इन सभी प्रकार की इंजीनियरिंग में आप अपना कैरियर बना सकते है, आइये अब जानते है, की सिविल इंजीनियर कैसे बने।
 

सिविल इंजीनियर कैसे बने ? (Civil Engineer kaise Bane)

सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको कुछ ज्यादा परेशान होने की जरूरत नही है, बस आपको मेहनत करके पढ़ाई करनी होगी, इसके बाद आप सिविल इंजीनियर बन सकते है।
 
दोस्तो वैसे तो आप सिविल इंजीनियर बनने के लिए 10 वी पास करके भी एड्मिसन ले सकते है, इसके लिए आपको कुछ एंट्रेन्स एग्जाम देनी पड़ती है, अगर आप उन एंट्रेन्स एग्जाम को पास कर लेते है।
 
तो आप सिविल इंजीनियर के लिए किसी अच्छे कॉलेज में एडमिशन ले सकते है, जिसके बाद आपको 3 साल का सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स कंप्लेट करना होगा, उसके बाद आप किसी भी कंपनी में जूनियर सिविल इंजीनियर के रूप में,
 
कार्य कर सकते है, लेकिन हम आपको यही सलाह देंगे कि आप 12वी पास करके ही सिविल इंजीनियर के लिए कोर्स कंप्लेट करें, 12वी बाद सिविल इंजीनियर बनने के लिए आपको निम्नलिखित स्टेप को फॉलो करना होगा- 
 
  • सिविल इंजीनियर बनने के लिए सबसे पहले आपको 12वी साइंस या मैथ्स सब्जेक्ट से पास करनी होगी, जितने अधिक अंक से आप 12वी पास करेंगे, उतना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।
  • 12वी पास करने के बाद आपको  आईआईटी एंट्रेन्स एग्जामिनेशन की देनी होगी।
  • अगर आपकोआईआईटी एंट्रेन्स एग्जामिनेशन में अच्छे मार्क्स आते है, तो किसी भी अच्छे कॉलेज से आप सिविल इंजीनियर बनने के लिए कोई अच्छा कोर्स कर सकते है, हम आपको नीचे सिविल इंजीनियरिंग के लिए टॉप कोर्सेज के बारे में बताने वाले है।
  • सिविल इंजीनियरिंग कोर्स के लिए कॉलेज में एडमिशन मिलने के बाद आपको मेहनत और लगन से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स कंप्लेट करना होगा।
  • सिविल इंजीनियरिंग कोर्सज कंप्लेट होने के बाद आप सरकार, सहसरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों में सिविल इंजीनियरिंग के पद पर कार्य कर सकते है।
  • इसके अलावा आप कंबाइंड इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जाम देकर के भारतीय सरकार की टेक्नोलॉजी ओर सिविल इंजीनियरिंग से जुड़ी हुई पोस्ट के स्थान पर जॉब कर सकते है।
दोस्तो इस तरीके से आप एक सिविल इंजीनियर बन सकते है, इस दौरान आपको कई छोटी – बड़ी प्रक्रिया से होकर गुजरना पड़ता है, 
 
जिनकी जानकारी आपको सिविल इंजीनियरिंग करते समय ही पता चल जाएगी,  अब तक हमने जाना सिविल इंजीनियर क्या है और सिविल इंजीनियर कैसे बनते हैं, आइये अब जानते है, की सिविल इंजीनियरिंग बेस्ट कोर्स कोनसे है।
 

सिविल इंजीनियरिंग कोर्स 

दोस्तो सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में आने के लिए कई सारे कोर्स ओर डिप्लोमा है, जिनके माध्यम से आप सिविल इंजीनियर बनते है, हम आपको कुछ बेस्ट अंडरग्रेजुएट कोर्सेज से बारे में बताने वाले है, जिन्हें कर के आप सिविल इंजीनियर बन सकते है-
 
  • B.Tech in Civil Engineering
  • B.E in Civil Engineering
  • B.Tech in Civil Engineering
  • Certificate course in Construction Supervisor
  • Certificate course in building design.
  • Diploma in Civil Engineering.
  • Graduation in Civil Engineering.
  • M.E in Civil Engineering.
  • Ph.D in Civil Engineering.
  • Post graduate diploma course in Construction and Infrastructure Project Management.
  • Post Graduate in Civil 
दोस्तो आपको एंट्रेन्स एग्जाम देने के बाद सरकारी पॉलीटेक्निक कॉलेज से इन प्रमुख कोर्सेज में से किसी एक कोर्स को करना है, आप चाहे तो B Tech Civil Engineering या 
 
फिर BE Civil Engineering का कोर्स कर सकते है, आइये अब जानते हैं, की civil engineering course fees कितनी होती है।
 

Civil Engineering Course fees

दोस्तो सिविल इंजीनियरिंग करने के लिए कई कोर्स होते है, जिनके माध्यम से आप सिविल इंजीनियर बन सकते है, अगर देखा जाए तो सिविल इंजीनियरिंग कोर्स की फीस हमेसा कॉलेज और कॉलेज के इन्फ्राट्रक्चर के ऊपर डिफेंड करती है। 
 
इंडिया में कई सारे अच्छे पॉलीटेक्निक कॉलेज ओर यूनिवर्सिटी है, जिनकी फीस 1.5 लाख से लेकर 2.5 लाख तक है, कई सारे ऐसे कॉलेज भी है, जिनकी फीस 1.5 लाख से कम हो सकती है।
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लेकिन ऐसे कॉलेज से आप सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स ना करें, क्योकि ऐसे कॉलेज में आपको इन्टर्नशिप नही मिल पाएगी, आइये अब बात करते है, की Civil Engineering College in india कोनसे है।
 

Civil Engineering College in india

दोस्तो यदि आप Civil Engineering Course के लिए एक अच्छे कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी का चयन करते है, तो आपको एक बेहतर कैरियर विकल्प आसानी से मिल जाएगा, जिस प्रकार एक अच्छा कोर्स चुनना जरूरी होता है, 

उसी प्रकार एक बेहतर कॉलेज का चयन करना भी जरूरी होता है, यहाँ पर हम आपको कुछ टॉप कॉलेज के बारे में बताने वाले है, जिनके के माध्यम से आप सिविल इंजीनियरिंग कर सकते है –

  • IIT Kanpur – Indian Institute of Technology – [IITK]
  • IIT Roorkee – Indian Institute of Technology – [IITR]
  • IIT Madras – Indian Institute of Technology – [IITM]
  • Lovely Professional University – [LPU]
  • IIT Delhi – Indian Institute of Technology – [IITD]
  • IIT Bombay – Indian Institute of Technology – [IITB]
  • IIT Kharagpur – Indian Institute of Technology – [IITKGP]
  • IIT Kanpur – Indian Institute of Technology – [IITK]
  • IIT Guwahati – Indian Institute of Technology – [IITG]
  • College of Engineering, Anna University – [CEG]
  • IIT Indore – Indian Institute of Technology – [IITI]
  • IIT Bhubaneswar – Indian Institute of Technology – [IITBBS]
  • BITS Pilani (Pilani Campus)
दोस्तो यह प्रमुख लोकप्रिय कॉलेज है, जिनके द्वारा आप सिविल इंजीनियरिंग के कोर्स कर सकते है, आइये अब बात करते है, की सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है।
 

सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है ?

सिविल इंजीनियरिंग एक प्रोफेशनल शाखा है, जहाँ पर किसी सिविल इंजीनियर को सैलरी शुरुआती टाइम में 25 से 30 हजार रुपये महीना मिल सकती है, हो सकता है, की यह सैलरी आपको पद और फील्ड के अनुसार कम लग रही हो।

लेकिन दोस्तो सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में अनुभव ओर एक्सपीरियंस होने के बाद आप आसानी से महीने के 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये महीना तक कमा पाएंगे इसके अलावा सिविल इंजीनियर बनने के बाद,

आपके सामने ऐसे कई सारे अवसर आएंगे, जहाँ पर सिर्फ आपके एक हस्ताक्षर के 50 हजार रुपये तक भी दिए जाएंगे, दोस्तो इस फील्ड में पैसों की कोई कमी नही है, आप आसानी से सालाना 5 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक कमा सकते है।

सिविल इंजीनियर बनने के फ़ायदे ?

अब तक आपने जाना सिविल इंजीनियर क्या है और सिविल इंजीनियर कैसे बने अब हम सिविल इंजीनियर बनने के फायदे के बारे में जानने वाले है, जोकि निम्नलिखित है –

  • सिविल इंजीनियर बनकर आप सरकारी एवं प्राइवेट दोनों विभाग में जॉब कर सकते है।
  • सिविल इंजीनियरिंगकी फील्ड में आने के बाद आप चाहे तो खुद की एक प्राइवेट कंसल्टेंसी कंपनी खोल सकते है।
  • सिविल इंजीनियर बनने के बाद आपकी जान-पहचान कई नए-नए लोगो से होंगी उनके बारे में जानने को मिलेगा, इसके अलावा आप बाहर काम करेंगे तो आपको अपने घरों से बाहर घूमने-फिरने को भी मिलेगा।
  • सिविल इंजीनियरिंग की फील्ड में आप कुछ नया कर सकते है, यदि आप कोई यूनिक प्रोजेक्ट बनाते है, ओर वह सभी लोगो को पसंद आता है, तो लोगो के प्रति आपकी रेस्पेक्ट बढ़ेगी।
  • इस फील्ड में आप एक लंबे समय तक कार्य कर सकते है, जहां पर रिटायरमेंट की कोई समस्या नही आती है।
  • सिविल इंजीनियर बनकर आप अपने दिमाग का प्रयोग करके कई सारे चीजे रोचक बना सकते है, ओर अपने डिज़ाइन से लोगो का दिल जीत सकते है।
  • दोस्तो सिविल इंजीनियर बनने के बाद आपके घर वाले भी बहुत खुश होंगे, क्योकि आपके पैरेंट किसी के सामने बोलेंगे की हमारा बेटा भी एक सिविल इंजीनियर है, तो उनके लिए यह एक गर्व की बात होंगी।

 

सिविल इंजीनियर कैसे बने से संबंधित FAQ

दोस्तो Civil Engineer Kaise Bane से संबंधित आपके मन मे कई सारे सवाल होंगे, जिनके जवाब आपको FAQ के माध्यम से मिल जाएंगे- 
 

सिविल इंजीनियर का क्या काम है ?

सिविल इंजीनियर के कार्य शहरो में हो रहे कंस्ट्रक्शन कार्य जैसे- रोड, ब्रीज़, पूल, स्टेडियम, बिल्डिंग, एयरपोर्ट, ओर घरों को डिज़ाइन करना होता है।

सिविल इंजीनियरिंग के बाद क्या करे ?

BE Civil Engineering या B tech Civil Engineering करने के बाद आप सरकारी एवं प्राइवेट सेक्टर में जॉब कर सकते है, या फिर चाहे तो पोस्ट ग्रजुवशन Me/ M tech इन Civil Engineering कर सकते है।

जूनियर सिविल इंजीनियर कैसे बने ?

जूनियर सिविल इंजीनियर बनने के लिए 10वी कक्षा पास करके आप सरकार के द्वारा आयोजित की जाने वाली एंट्रेन्स एग्जाम दे सकते है।

यदि एंट्रेन्स एग्जाम में आप पास हो जाते होतो आप किसी अच्छे कॉलेज से सिविल इंजीनियरिंग का कोर्स कर सकते हो, कोर्स कंप्लेट करने के बाद आप एक जूनियर सिविल इंजीनियर के तौर पर कार्य कर सकते हो।

सिविल इंजीनियर की सैलरी कितनी होती है ?

सिविल इंजीनियर की सैलरी शुरुआत के कुछ महीनों में 25 से 30 हजार हो सकती है, जो धीरे-धीरे 50 हजार से लेकर 1 लाख तक भी पहुँच सकती है।

जूनियर सिविल इंजीनियर की सैलरी ?

जूनियर सिविल इंजीनियर की सैलरी शुरुआत के कुछ महीनों में 15 हजार से लेकर 25 हजार तक होती है, कुछ सालों बाद यह सैलरी 50 हजार तक भी जा सकती है।

सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर्स कोर्स कितने साल का होता है?

दोस्तो सिविल इंजीनियरिंग में बैचलर्स कोर्स 4 साल का होता है।

सिविल इंजीनियर की भारत में सैलरी कितनी होती है?

भारत में सिविल इंजीनियर की सैलरी शुरुआती समय में 20 से 30 हजार रूपए महीना होती है, जोकि आगे बढ़कर 50 हजार से लेकर 1 लाख तक हो जाती है।

निष्कर्ष : सिविल इंजीनियर कैसे बने 

आसा करते है, की आपको सिविल इंजीनियर कैसे बने (Civil Engineer Kaise Bane) से संबंधित यह लेख पसंद पसंद आया होगा, इस लेख में हमारे द्वारा सिविल इंजीनियर क्या है और सिविल इंजीनियर कैसे बनते हैं के बारे में भी जानकारी दी है।
 
इस लेख में हमारी टीम द्वारा सिविल इंजीनियर क्या है के बारे में बहुत ही अच्छे से एक्सप्लेन किया गया है, यदि यह जानकारी आपको पसंद आई है, तो इसे अपने दोस्तों तक जरूर शेयर करें, ओर यदि आपके मन मे इस लेख से संबंधित कोई सवाल है, तो आप हमें कमेंट के माध्यम से बता सकते है।

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