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Programming Language in hindi – प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे ?

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दोस्तो आप सभी का स्वागत आज की हमारे इस लेख में जहां पर हम आपको एक और उपयोगी जानकारी देने वाले है, इस लेख में हम आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है (Programming Language Kya hai)  के बारे में बात करने वाले है।

साथ में जानेंगे की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कार्य, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार क्या है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और कोडिंग में अंतर क्या है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के फायदे और Programming Language in hindi से जुड़ी हुई सभी प्रकार की जानकारी आज हम आपको देने वाले है।

दोस्तो एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति से बात करने के लिए किसी ना किसी लैंग्वेज का अवश्य इस्तेमाल करता है, वो लैंग्वेज हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, पंजाबी या अन्य लैंग्वेज भी हो सकती है, उसी प्रकार कंप्यूटर का उपयोग करने या कंप्यूटर को दिशा निर्देश देने के लिए भी अलग अलग प्रकार की लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है,

कंप्यूटर का इस्तेमाल करने या कंप्यूटर को दिशा निर्देश देने के लिए जिस भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, उसे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कहा जाता है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कई प्रकार की होती है, जिनके बारे में आगे हम आपको जानकारी देने वाले है, 

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दोस्तो अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है से जुड़ी हुई सभी प्रकार की जानकारी प्राप्त करना चाहते है, तो इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े, क्योंकि इस लेख में हम आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे के बारे में बताएंगे।

Table of Contents

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है ? (Programming Language Kya hai) 

दोस्तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Programming Language) एक प्रकार की कंप्यूटर भाषा होती है, जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर के साथ संवाद करने अर्थात कंप्यूटर को दिशा निर्देश देने के लिए किया जाता है, एक डेवलपर और या कंप्यूटर उपयोगकर्ता इस लैंग्वेज का इस्तेमाल करता है।

कंप्यूटर में किसी विशिष्ट कार्यों को करने अर्थात सॉफ्टवेयर बनाने, सॉफ्टवेयर डिजाइन करने या वेब डेवलपमेंट में इस लैंग्वेज का उपयोग किया जाता है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कई लैंग्वेज से मिलकर बनी होती है, जैसे C, C++, Java, Python HTML आदि।

आसान शब्दों में कहा जाए तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज एक ऐसी लैंग्वेज होती है, जिसकी मदद से कंप्यूटर को बताया जाता है कि उसको क्या करना है, और क्या नहीं करना है, यह भाषा कंप्यूटर और डेवलपर के बीच का कम्युनिकेशन का तरीका है, सिर्फ प्रोग्रामिंग भाषा को ही कंप्यूटर समझ पाता है।

दोस्तो आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर में जितने भी Application, Software, Website और Blog देखते है, यह सभी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद से बनाए जाते हैं, ऐसे में अगर आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आती है तो आप आसानी से एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर बनाना सिख सकते हैं।

क्योंकि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल आज के समय में बहुत अधिक हो रहा है, अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखते है, तो आप सॉफ्टवेयर इंजीनियर या वेब डेवलपमेंट की फील्ड में आसानी से करियर भी बना सकते है, बहुत से लोग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखकर के लाखों रुपए महीना कमा रहे है।

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प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के प्रकार – Types of Programming languages 

दोस्तो Programming language एक प्रकार की कंप्यूटर भाषा होती है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कई प्रकार होते है, जिसमें से 3 मुख्य प्रकार होते है जोकि निम्नलिखित है –

1. High-level Language (उच्च स्तरीय भाषा)

दोस्तो उच्च स्तरीय भाषा के अंतर्गत Python, Java, C++, C#, Ruby जैसी भाषाएं आती है, यह प्रोग्रामिंग भाषा का एक प्रकार है, दोस्तो उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा का इस्तेमाल वेब डेवलपमेंट, मोबाइल एप्लिकेशन डेवलपमेंट, सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट, गेम डेवलपमेंट आदि में किया जाता है, कोई भी व्यक्ति हाई लेवल लैंग्वेज सिख के वेब, ऐप, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का कार्य कर सकता है।

2. मशीन भाषा (Machine Language)

दोस्तो मशीन भाषा, कंप्यूटर और मनुष्य के बीच संवाद को समझने और व्यक्त करने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक भाषा है, जोकि लो लेवल लैंग्वेज का ही एक प्रकार है, इस लैंग्वेज के प्रोग्राम्स को बाइनरी (0 और 1) में लिखे जाते है, जिसके कारण इस लैंग्वेज को आसानी से समझा जा सकता है, यह एक मात्र ऐसी कंप्यूटर भाषा है, जिसे सीधे सीधे समझा जा सकता है।

3. असेंबली भाषा (Assembly Language)

Assembly Language सेकंड जेनरेशन के कंप्यूटर में इस्तेमाल होने वाली भाषा है, इस भाषा में कोडिंग करना मशीन भाषा की तुलना में थोड़ा सरल है, क्योंकि इस भाषा में संख्याओं का इस्तेमाल ना करके Symbolic Codes का इस्तेमाल किया जाता है, जिन्हें Mnemonic कहते है, असेंबली भाषा भी लो लेवल मशीन का एक प्रकार है, असेंबली भाषा को मशीन भाषा में बदलने के लिए असेंबलर का इस्तेमाल किया जाता है।

4. निम्न स्तरीय भाषा (Low Level Language)

Low Level Language एक ऐसी भाषा है, जोकि कंप्यूटर के काफी ज्यादा करीब है, लो लेवल भाषा समझने में आसानी होती है, निम्न स्तरीय भाषा के अंतर्गत मशीन भाषा और असेंबली भाषा आती है, लो लेवल लैंग्वेज की मदद से प्रोग्राम्स को बनाना और डिजाइन करना काफी ज्यादा आसान होता है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का उपयोग 

दोस्तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हमारे लिए कई प्रकार से उपयोगी है, और अगर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कार्य की बात करें तो कंप्यूटर से जुड़े हुए लगभग हर कार्यों में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की आवश्यकता होती है, प्रोग्रामिंग लैंग्वेज निम्नलिखित कार्य करती है –

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद से सॉफ्टवेयर बनाए जा सकते है।
  • मोबाइल एप्लिकेशन बनाने में भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरूरत पड़ती है।
  • वेबसाइट या ब्लॉग बनाने में भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की आवश्यकता होती है।
  • किसी प्रकार एड या विज्ञापन डिजाइन करने में भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की आवश्यकता होती है।
  • कंप्यूटर फाइल में त्रुटि या किसी एप्लीकेशन में त्रुटि होने पर भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद ली जाती हैं।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इतिहास (History of Programming Languages)

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के इतिहास की बात करें तो सबसे पहले प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को 1883 में विकसित किया गया था, जब Ada Lovelace और Charles Babbage दोनो ने मिलकर Analytical Engine पर एक साथ कार्य किया था, जो एक आदिम मेकेनिकल कंप्यूटर था।

1949 में कंप्यूटर प्रोग्राम लिखने के लिए मशीन कोड (Binary Code) का प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में उपयोग किया गया, जोकि मशीन भाषा को सरल बनाने में सक्षम थी, जिसके बाद 1952 में Alick Glennie ने Autocode को विकसित किया गया, जिसे लोग पहली Compiled Programming Language मानते थे, इसका मतलब की इसे सीधे मशीन कोड में अनुवादित किया जा सकता था।

1957 में John Backus ने FORTRAN का निर्माण किया, जो विज्ञानीक गणितीय और सांख्यिकी परियोजनाओं के साथ कार्य करने के लिए एक कंप्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसके बाद 1958 में ALGOL को Algorithmic Language के रूप में बनाया गया था।

इसी प्रकार धीरे धीरे प्रोग्रामिंग भाषा में विकास होता रहा और 1972 में Dennis Ritchie ने C Language का अविष्कार किया, जिसे पहली उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा के रूप में माना जाता है, देखा जाए तो यह भाषा मानव भाषा के करीब है और मशीन भाषा कम है, आइए अब जानते है की प्रोग्रामिंग भाषा कैसे काम करती है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे काम करती है ?

दोस्तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बहुत ही सरल तरीके से कार्य करती है प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को समझना काफी ज्यादा आसान है अगर आप जानना चाहते हैं की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज किस प्रकार कार्य करती है तो हम आपको बताना चाहेंगे कि प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का कार्य करने का तरीका कुछ इस प्रकार है –

  • 1. अगर आपने कंप्यूटर को निर्देश दिया है कि कंप्यूटर को Hello Google टाइप करना है, या कोई दूसरा वर्ड टाइप करना है, उदाहरण के लिए Print (“Hello Google”) 
  • 2. अब प्रोग्रामिंग भाषा इसे संकलित करके मशीन कोड में बदल देता है, जिसे कंप्यूटर समझ सकता है।
  • 3. जिसके बाद कंप्यूटर कोड को निष्पादित करता है, और हमें वापस स्क्रीन पर Hello Google दिखाई देता है।

इस प्रकार से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज काम करती है, देखा जाए तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज बहुत ही सरल तरीके से कार्य करती है, आइए अब जानते है की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे ? 

दोस्तों अगर आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख कर एक अच्छे प्रोग्रामर बनना चाहते हैं तो हम आपको बताना चाहेंगे कि आज के समय में आप बहुत ही आसानी से ही आसानी से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख सकते हैं प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के लिए आपको 6 महीने से लेकर 1 साल तक का समय देना होगा, 

जिसके बाद आप एक अच्छे प्रोग्रामर बन सकते है, और इसकी मदद से हर महीने लाखों रुपए बड़ी आसानी से कमा सकते है, आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दो तरीके से प्रोग्रामिंग भाषा सीख सकते है, आइए पहले जानते है, की आप ऑनलाइन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे।

1) ऑनलाइन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे 

दोस्तो वर्तमान समय में आप ऑनलाइन घर बैठे बरेल आसानी से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज लिख सकते हैं इसके लिए आपको ज्यादा पैसे खर्च करने की भी जरूरत नहीं है और आप बहुत ही कम खर्चे या यूं कहें फ्री में प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीख सकते हैं, जी हां दोस्तों आज के समय में ऑनलाइन कई सारे प्लेटफार्म है जो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सकते हैं

  • Youtube
  • Online Course 
  • Unacademy 
  • Byjus 

2) ऑफलाइन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे 

दोस्तों आज के समय में जितने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है उतने ही ऑफलाइन प्लेटफार्म है आप ऑफलाइन भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज आसानी से सीख सकते हैं ऑफलाइन प्रोग्रामिंग प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के लिए आप कोचिंग सेंटर कॉलेज या यूनिवर्सिटी का सहारा ले सकते हैं

ऑफलाइन प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की डिग्री हासिल करके आप प्रोग्रामिंग लैंग्वेज तो सिख ही सकते हैं साथ में आपको बड़ी ही आसानी से जॉब भी मिल जाएगी, आइए अब जानते है की प्रोग्रामिंग लैंग्वेज और कोडिंग में अंतर क्या है। 

प्रोग्रामिंग और कोडिंग में अंतर 

प्रोग्रामिंग और कोडिंग में कहीं सारे अंतर होते हैं जिनके बारे में आगे हम आपको बताने वाले हैं आपकी जानकारी के लिए बता दे की कोडिंग एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ही हिस्सा है, जोकि कोड लिखने से संबंधित है –

प्रोग्रामिंग कोडिंग
प्रोग्रामिंग के लिए बड़ी मात्रा में टूल और सिंटेक्स की आवश्यकता होती है।कोडिंग के लिए सरल टूल और सरल सिंटेक्स की आवश्यकता होती है।
प्रोग्रामिंग के अंतर्गत कई प्रकार की भाषाएं आती है।कोडिंग स्वयं प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का ही एक पार्ट है।
सभी प्रकार की Programming Language सीखना थोड़ा मुस्किल है।कोडिंग सीखना थोड़ा आसान है, और इसे आप आसानी से समझ सकते है।
प्रोग्रामिंग की मदद से आप वेब डिजाइनिंग, वेब डेवलपमेंट एप्लिकेशन डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और अन्य कार्य कर सकते है।कोडिंग की मदद से आप वेब डेवलपमेंट और वेब डिजाइनिंग का कार्य कर सकते है।
प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के लिए आपको कोई कोर्स या डिग्री हासिल करनी होगी।कोडिंग सीखने के लिए किसी खास स्किल्स की जरूरत नही पड़ती है।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के फायदे 

Programming language हमारे लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है, और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के कई सारे फायदे भी है, जोकि निम्नलिखित है –

 

  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कंप्यूटर या किसी अन्य डिवाइस में आने वाली किसी भी प्रकार की समस्या को आसानी से दूर कर सकता है।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के बाद कोई भी व्यक्ति आसानी से ऐप, वेबसाइट और सॉफ्टवेयर बना सकता है।
  • प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की फील्ड में भी व्यक्ति आसानी से अपना कैरियर बना सकता है।
  • दोस्तो अगर किसी को ऐप या वेबसाइट बनाना नही आता है, तो वह प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सीखने के बाद ऐप और वेबसाइट बना सकता है।
  • वेब डिजाइनिंग , वेब डेवलपमेंट, ऐप सॉफ्टवेयर इंजीनियर और सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की फील्ड में भी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की जरूरत होती है।
दोस्तो अगर एक ऐसा हिसाब से देखा जाए तो प्रोग्रामिंग लैंग्वेज हमारे आईटी सेक्टर को चलाने में हमारी मदद करती है, दोस्तो आसा करते है की आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है (Programming Language Kya hai) से संबंधित यह जानकारी पसंद आई होगी।
 

कंप्यूटर की पहली प्रोग्रामिंग भाषा कौन सी है?

दोस्तो कंप्यूटर की पहली प्रोग्रामिंग भाषा FORTRAN है, जिसका अविष्कार 1957 में John Backus ने किया था।

प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है और यह कितने प्रकार की होती है?

दोस्तों प्रोग्रामिंग भाषा एक प्रकार की कंप्यूटर भाषा होती है, जिसका इस्तेमाल कंप्यूटर के साथ संवाद करने अर्थात कंप्यूटर को दिशा निर्देश देने के लिए किया जाता है, कंप्यूटर भाषा तीन प्रमुख प्रकार की होती है, उच्च स्तरीय प्रोग्रामिंग भाषा, मशीन भाषा और असेंबली भाषा आदि।

प्रोग्रामिंग भाषा का आविष्कारक कौन है?

प्रोग्रामिंग भाषा का आविष्कार सर्वप्रथम Ada Lovelace और Charles Babbage दोनो ने मिलकर किया था।

प्रोग्रामिंग शुरू करने वाला पहला व्यक्ति कौन था?

प्रोग्रामिंग शुरू करने वाला पहला व्यक्ति Ada Lovelace थे, जिन्होंने सन 1883 प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की सर्वप्रथम स्थापना की थी।

निष्कर्ष:

दोस्तो उम्मीद हमें करते हैं कि आपको प्रोग्रामिंग लैंग्वेज क्या है (Programming Language Kya Hai) से संबंधित यह जानकारी पसंद आई होगी, इस लेख में हमारे द्वारा Programming Language In Hindi और प्रोग्रामिंग लैंग्वेज कैसे सीखे से संबंधित और भी जानकारी दी गई है,

अगर यह जानकारी आपको पसंद आई हो तो इसे अपने दोस्तों तक जरूर शेयर करें और अगर आपके मन में कोई सवाल हो तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं हम आपके कमेंट का जरूर जवाब देंगे, इसके अलावा ऐसी ही और भी उपयोगी जानकारी पाने के लिए हमारे साथ जुड़े रहे।

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