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RSS ka full form – RSS का फुल फॉर्म क्या है और RSS कैसे ज्वाइन करें ?

RSS ka Full Form, आरएसएस क्या है, आरएसएस का फुल फॉर्म क्या है, RSS Full Form In Hindi, 

दोस्तो InfosHindi में आपका स्वागत है, जहां पर आज हम इस ब्लॉग पोस्ट में आरएसएस का फुल फॉर्म क्या है (RSS Full form in hindi) के बारे में बात करने वाले हैं। 

साथ मे जानेंगे कि RSS kya hai, आरएसएस का इतिहास क्या है, आरएसएस का मतलब क्या है और आरएसएस क्या है, से जुड़ी हुई तमाम जानकारी आज के इस लेख में हम आपको देने वाले है। 

Rss ka full form, rss full form in hindi

आपमे कई सारे लोगों के मन में हमेसा यह सवाल जरूर होता होगा, की Rss kya hai ओर Rss संगठन कैसे जॉइन करें और Rss संगठन भारत मे क्या कार्य करता है, जैसे कई सारे सवाल आपके मन में होंगे।

हम आपको बताना चाहेंगे की आरएसएस भारत का एक हिन्दू संघ है, जिसके बारे में आज हम पूरी जानकारी देने वाली है, आइये दोस्तो सबसे पहले यह जानते है, की RSS ka full Form क्या है, ओर Rss Join kaise kare.

RSS ka Full Form क्या है? (RSS full Form In Hindi)

आरएसएस का फुल फॉर्म Rashtriya Swayamsevak Sangh है, जिसको हिंदी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नाम से जाना जाता है, यह संघ हिन्दू धर्म के लोगो से जुड़ा हुआ है।

इस संघ की स्थापना सन 1925 मे डॉ केशव बलिराम हेडगेवार ने दशहरे के दिन की थी, इस संघ को 2025 में 100 साल पूरे हो जाएंगे, जोकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rss) का मुख्यालय नागपुर महाराष्ट्र में स्थित है, यह संघ कोई सरकारी संघ नही है, ओर ना ही यह कोई राजनीतिक पार्टी है। आइये आरएसएस संघ के बारे में ओर अधिक विस्तार से जानकारी प्राप्त करते है। 

आरएसएस क्या है? (Rss kya hai)

जैसे कि हमने आपको पहले ही बता दिया है, की आरएसएस एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत जी है, जोकि एक लोकप्रिय इंसानो में से एक है, खास बात तो यह है।

की मोहन भागवत जी भारत के कुछ ही लोगो मे से एक है, जिनको Z+ सुरक्षा दी गई है, ऐसा कहा जाता रहा है, बिड़ला भवन दिल्ली में नाथूराम गोडसे पर महात्मा गांधी की हत्या का आरोप लगा था।

तब आरएसएस का नाम बहुत ही जोर-शोर से उछाला गया था, जबकि नाथूराम गोडसे ने आरएसएस को 1930 में ही छोड़ दिया था, इसके बाद से ही पूरी दुनिया को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बारे में पता चला था।

उसके कुछ समय पश्चात ग्रह मंत्री वल्लभ भाई पटेल ने आरएसएस पर बैन लगा दिया था, ग्रह मंत्री वल्लभ भाई पटेल तो आरएसएस को हमेसा के लिए बेन करना चाहते थे।

लेकिन जरूरी सबूत के अभाव में वह ऐसा नही कर पाए ओर कुछ दिनों बाद वापस से आरएसएस पर बैन हटा दिया गया, आज के समय मे भारत मे आरएसएस सबसे बड़ा संघ है।

आरएसएस की सबसे पहली साखा में सिर्फ 5 लोग ही सामिल हुए थे, लेकिन आज आरएसएस की भारत मे 60 हजार से ज्यादा शाखाएं है, ओर सभी शाखाओ में 100 से ज्यादा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मेंबर है, दोस्तो अब तक आपने जाना की RSS क्या है आइए अब जानते है, की आरएसएस का उद्देश्य क्या है।

RSS का उद्देश्य क्या है ?

आरएसएस एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, जोकि हिंदुओं को सम्मान जनक अधिकार दिलाने का कार्य करता है, आरएसएस संघ का हमेसा यही प्रयाश रहता है, की किसी भी हिन्दू के साथ कोई भी अपराध ना हो।

सरकार हिंदू धर्म के खिलाफ कोई भी कानून लाती है तो आर एस एस संघ उसका हमेशा विरोध करता है, यदि भारत सरकार भारत मे रहने वाले लोगो के लिए कोई नया कानून लाती है।

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ओर वह क़ानून अगर भारत के लोगों के पक्ष में होता है तो आर एस एस संगठन उस कानून का हमेशा स्वागत करती है और यदि भारत सरकार कोई ऐसा कदम उठाती है।

जो कि भारत में रहने वाले लोगों के हित में ना हो तो ऐसे में आरएसएस संघ ऐसे कदम का हमेसा विरोध करता है, आरएसएस संगठन का सर्वप्रथम कार्य देश में रहने वाले,

हिंदुओं को सम्मानजनक जीवन जीने का पूरा अधिकार मिले, आरएसएस भारत के सबसे लोकप्रिय संघ में से एक है, ओर यह भारत का सबसे बड़ा स्वयंसेवक संघ है, आइये अब बात करते है, की आरएसएस संघ के इतिहास के बारे में।

आरएसएस संघ का इतिहास 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक केशव बलराम हेडगेवार है, इस संगठन की स्थापना की समय इसके मात्र 17 सदस्य थे, लेकिन वर्तमान समय मे इस संघ के करोड़ो सदस्य है।

इस संघ की स्थापना 27 सितंबर 1925 को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के रूप में कई गई है, संगठन की स्थापना के समय हेडगेवार के साथ भावजी कावरे, श्वनाथ केलकर, अन्ना सहाने,

बालाजी हुदार ओर बापूराव भेदी थे, जिन्होंने 1926 से ही इस संगठन को लगातार आगे बढ़ाने की कोशिश की, इन सभी की इसी कोशिश की वजह से आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भारत के सबसे बड़े संगठन में से एक है।

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मुसलमानों से मिलकर अंग्रेजों से लड़ने के लिए महात्मा गांधी ने हेडगेवार से प्रस्ताव किया जिसे हेडगेवार ने मिलकर लड़ने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया।

ओर आजादी के समय इस संगठन ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, आइये अब बात करते है, कि आरएसएस में महिला क्यो नही होती है।

आरएसएस संघ में महिला क्यो नही होती है ?

आरएसएस संघ में कोई महिला मेंबर या सदस्य इसलीन्ही बन पाती है, क्योकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा सुबह और शाम को ओपन रहती है।

जिसमे आने वाले समय में हिंदुओं के भविष्य के बारे में विचार किया जाता है,ओर इसके अलावा आने वाले समय मे यह संगठन किस तरह से कार्य करेगा उसपर विचार किया जाता है।

सुबह और शाम के समय महिलाओं को बहुत कार्य रहता है, ऐसे में वह आरएसएस संघ में पूरी तरीके से कार्य नही कर पाती है। बस यही कारण है, की आरएसएस संघ में कोई महिलाएं नही होती है। 

आरएसएस संघ मेंबर कैसे बने? (Rss Kaise join kare)

दोस्तो यदि आप भी आरएसएस संघ में मेंबर बनना चाहते है, ओर यदि आप भी इस संघ के साथ जुड़ना चाहते है, तो आप भी आरएसएस संघ जॉइन कर सकते है।

आरएसएस संघ के साथ जुड़ने के लिए आपको आरएसएस संघ की शाखा में जाना पड़ता है, जिसके बाद आप आरएसएस संघ के मेंबर बनने के लिए फॉर्म भर सकते है।

आप गूगल पर अपने नजदीकी आरएसएस संघ की शाखा को खोज सकते है, जिसके बाद Rss की 2शाखा में जाकर आरएसएस के मेंबर बन सकते है। 

आरएसएस संघ से जुड़ने के लिए आपको कोई पैसे नही देने होते है। आप फ्री में आरएसएस संघ मेंबर बन सकते है, आरएसएस संघ से जुड़ने के कोई पैसे नही लगते है दोस्तो आसा करते है, की RSS क्या है से संबंधित यह लेख पसंद आया होगा। 

Rss ka full form से संबंधित FAQs

दोस्तो Rss ka full form क्या है, से संबंधित आपके मन मे ओर भी कई सारे सवाल होंगे, जिनके जवाब आपको FAQ के माध्यम से मिल जायेंगे-

हिंदी में आरएसएस की फुल फॉर्म क्या है ?

हिंदी में आरएसएस का फुल फॉर्म Rashtriya Swayamsevak Sangh है, जिसको हिंदी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कहते है।

आरएसएस क्या है ?

आरएसएस का पूरा नाम Rashtriya Swayamsevak Sangh होता है, आरएसएस एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, जोकि हिंदुओ का एक संगठन है।

RSS की स्थापना कब और कहां हुई थी?

आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की स्थापना 27 सितंबर 1925 को हुई थी। 1925 से यह संघ लगातार कार्य कर रहा है।

आरएसएस की कितनी शाखाएं है भारत में

आज के समय में भारत में आरएसएस के 50 हजार से भी ज्यादा शाखाएं चल रही है, और आरएसएस संघ में एक करोड़ से अधिक की संख्या में स्वंसेवक कार्यरत है।

वर्तमान समय में आरएसएस के प्रमुख कौन है?

दोस्तो वर्त्तमान समय (2023) में RSS के प्रमुख मोहन भागवत जी है, जो आरएसएस के छठवें प्रमुख है जो साल 2009 से ही RSS के प्रमुख के पद पर विराजमान है।

आरएसएस का फुल फॉर्म क्या है?

दोस्तो आरएसएस का फुल फॉर्म राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, आरएसएस एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, जोकि हिंदुओं को सम्मान जनक अधिकार दिलाने का कार्य करता है।

आरएसएस का उद्देश्य क्या है?

आरएसएस एक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ है, जोकि हिंदुओं को सम्मान जनक अधिकार दिलाने का कार्य करता है, आरएसएस का प्रमुख उद्देश्य भारत देश को सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरण या फिर दूसरी कई चुनौतियों लिए मजबूत करना और उनका सही रूप से समाधान करना है।

निष्कर्ष : 

आसा करते है, की आपको RSS Full Form In Hindi (RSS Ka Full Form क्या है) संबंधित यह लेख पसंद आया होगा, इस लेख में हमारे द्वारा आरएसएस क्या है, आरएसएस संघ का उद्देश्य क्या है और आरएसएस संघ की स्थापना कब हुई के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी दी गई है, 
 
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